Thursday, April 13, 2017

भारतीय पूर्व नोसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की फाँसी रोकने को पाकिस्तानी उच्चायुक्त के नाम ज्ञापन









"आज दिनाँक 13/04/17 को इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी की तरफ़ से मुरादाबाद के जिलाधिकारी महोदय ज़ुहैर बिन सग़ीर के माध्यम से एक ज्ञापन, पाकिस्तान के उच्चायुक्त महोदय अब्दुल बासित के नाम दिया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य कोर्ट द्वारा भारतीय नोसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को इन्सानियत के नाते फाँसी ना देने का विनम्र निवेदन किया गया। इस सम्बन्ध में बताते हुए इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक/अध्यक्ष राशिद सैफ़ी ने बताया कि हम अपनी सोसाइटी की ओर से मानवता के नाते ये ज्ञापन देकर पाकिस्तानी सरकार से विनम्र अनुरोध कर रहे हैं कि बिना किसी सबूत, बिना किसी सरकारी मदद दिये, बिना कोई आरोप साबित हुए भारत के पूर्व नोसेना अधिकारी को फाँसी देना, पूरी मानव जाति को फाँसी देने जैसा है, एवं इन्सानियत की हत्या है, और मानव अधिकारों का हनन है। क्योंकि जब कोई इंसान फाँसी के फंदे पर झूलता है तो सिर्फ वो अकेला ही फाँसी नही चढ़ता है, बल्कि उसके साथ कई और ज़िंदगियाँ भी फाँसी चढ़ती हैं, उसके माँ-बाप, उसके भाई-बहन, उसकी पत्नी, उसके बच्चे, आदि, और फाँसी के सम्बन्ध में इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी के ये मानना है कि फाँसी की सज़ा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होना चाहिये, दुनिया के किसी भी देश मे फाँसी देने का प्रावधान नही होना चाहिये, क्योंकि अगर हम किसी को ज़िन्दगी दे नही सकते, तो हमे किसी की ज़िन्दगी लेने का भी कोई अधिकार नही है। इसीलिए हम सोसाइटी की तरफ़ से पूरी दुनिया के देशों से ये मांग करते हैं कि फाँसी को पूरी तरह से बंद किया जाये, और उसकी जगह आरोप साबित होने पर उम्र क़ैद या आजीवन कारावास की सज़ाएं दी जाएं।।
ज्ञापन देने के इस मौके पर ये सभी लोग मौजूद रहे - सोसाइटी के अध्यक्ष राशिद सैफ़ी, सचिव डॉ इरशाद सैफ़ी, फ़रीद अहमद, विनय विशनोई, वरिष्ठ समाजसेवी अशोक शर्मा जी आदि उपस्थित रहे।।

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"राशिद  सैफ़ी "आप" मुरादाबाद"
संस्थापक/अध्यक्ष
इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी

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