Sunday, February 26, 2017

बड़ी सोच रखें बड़ा ही होगा


"कहा जाता है कि जो इंसान "बड़ा" सोचता है वही एक दिन "बड़ा" करके भी दिखाता है। और जिसके सोचने की "शक्ति" बेहद "संकुचित(छोटी)" होती है, वह व्यक्ति कभी कुछ बड़ा या अच्छा नहीं कर पाता है।
"दरअसल, अक्सर हम इंसान अपने जीवन में बड़े या छोटे होने की बात करते हैं, और इंसान का बड़ा या छोटा होना अक्सर हम उसके "पैसे", "शोहरत", या "रुतबे", के हिसाब से तय करते हैं। लेकिन इंसान का बड़ा या छोटा होना ये सब चीज़ें तय नहीं करती हैं, "असल में, इंसान की "सोच" और उसके "कर्म" ही उसे "बड़ा" या "महान" बनाते हैं। हमें हमेशा अपनी "सोच बड़ी" और "अच्छी" ही रखनी चाहिए, क्योंकि अगर हम बड़ा सोचेंगे ही नहीं तो बड़ा काम कर कैसे पाएंगे ? अगर हम अपने "दिल" और "दिमाग" में "दरिद्रता", "गरीबी", को ही जगह दिए रहेंगे, तो हम कभी "धनी" नहीं बन सकते। और इसके उलट अगर हम "सकारात्मक सोच" के साथ "आशान्वित" रहेंगे कि एक दिन हम भी "धनी" होंगे, तो अवश्य ही हम धनी होंगे।
"असल में, इंसान की "कामयाबी, "नाकामयाबी, का सारा "दारोमदार", उसकी "सोच" और "नियत" पर निर्भर करता है। क्योंकि व्यक्ति जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है, हम जैसा "बनना चाहते हैं, वैसा बार-बार सोचें तो एक दिन अवश्य हम वैसे ही बन जायेंगे। कामयाबी की "ऊँचाइयाँ" हमारी "सोच" से ही निकलती हैं। इंसान में सोच की ऐसी "जादुई ताक़त" है, कि अगर वह इस सोच का "उचित प्रयोग" करे, तो कहाँ से कहाँ पहुँच सकता है। 
"इसलियें दोस्तों, हमें और आपको चाहिए कि हमेशा बड़ा सोचें, बड़ा सोचने से बड़ी उपलब्धियां, और कामयाबियां, हासिल होंगी, फायदे भी बड़े होंगे, और देखते ही देखते हम अपनी "बड़ी सोच" के द्वारा "बड़े आदमी" भी बन जायेंगे।
               (धन्यवाद)
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(लेखक - राशिद सैफ़ी "आप" मुरादाबाद)
संस्थापक/अध्यक्ष 
"इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी"



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