Sunday, February 26, 2017

मेहनत और आत्मविश्वास का जादू


'कहा जाता है कि इंसान के अन्दर "मेहनत" करने का गुण, और "ख़ुद पर यक़ीन" यानि "आत्मविश्वास", हो, तो एक ना एक दिन "जादू की तरह इसका "फल" मिलता है। हमें पता भी नहीं चलता, और हम "सफलता की "ऊँचाइयों को छूने लगते हैं।
"दरअसल, हम सब अपनी ज़िन्दगी में कामयाबी का ऊँचे से ऊँचा "पहाड़" तो छूना चाहते हैं, हर पल एक "नया इतिहास" रचना चाहते हैं, हर क़दम पर "कुछ" कर गुज़रना चाहते हैं। लेकिन ये सब करने के लियें ना तो हम पूरे तौर पर मेहनत करते हैं, और ना ही हमें अपने ऊपर "यक़ीन" होता है कि हम यह सब कर पाएंगे, नतीजा ये होता है कि कामयाबी पाने के रास्ते पर चलते हुए जब "मुश्क़िल" या "विपरीत" "परिस्थितयां" आती हैं तब हम "पूरी शिद्दत" के साथ मेहनत नहीं कर पाते, और हमारा "आत्मविश्वास भी "डगमगाने" लगता है, और हम "परेशानियों की "धधकती आग" की "तपिश" से घबराकर "वापस" लौट जाते हैं।
"असल में, ज़िन्दगी में "कुछ" हासिल करने के लियें, मेहनत के "कड़े" और "लंबे रास्ते" से गुज़रना ही होता है, और साथ ही ख़ुद पर यक़ीन भी बनाये रखना होता है। हर "शिखर" पर हमेशा "खाली जगह" भी होती है, अगर इंसान मेहनती हो तो किसी भी "ऊँचाई" को पाने में सफलता हासिल की जा सकती है। दरसअल, मेहनत और आत्मविश्वास का चोली-दामन का साथ होता है, जब हम मेहनत करते हैं तो हमारे अन्दर आत्मविश्वास आता है, तब हम उस आत्मविश्वास के बल पर और ज़्यादा मेहनत करते हैं। मेहनत और आत्मविश्वास साथ-साथ चलते हैं, लेकिन अगर आत्मविश्वास में कमी आ जाये तो हम कठोर मेहनत के बाद भी "ऐन मौके पर" पर बाज़ी "हार" जाते हैं।
"तो दोस्तों, ज़िन्दगी में कामयाबी हासिल करने के लियें मेहनत, और आत्मविश्वास यानि ख़ुद पर भरोसा, दोनों ही चीज़ें बहुत "ज़रूरी" होती हैं, और अगर हम इन दोनों ही चीज़ों को कर पाये, तो "निःसन्देह" हमें "मेहनत" और "आत्मविश्वास" का "जादू" देखने को ज़रूर मिलेगा, और हम कामयाब हो जायेंगे।।
             (शुक्रिया) 
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लेखक - राशिद सैफ़ी "आप" मुरादाबाद
संस्थापक/अध्यक्ष 
"इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी"

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