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society's "sole purpose" is truly human way of life to all people of our community and society and to raise holdings of humanity! And with the oppressed of the oppressed society, the poor, the oppressed, helpless, helpless, to the work of "community service" by the help of the people as the true "purpose of the Society."

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“इन्सान का इन्सान से हो भाईचारा”“यही पैग़ाम हमारा”

  • इस सोसाइटी का “एकमात्र मकसद” है हमारे समाज और सोसाइटी के सभी इन्सानों को सही मायनों में इन्सानियत से जीने की राह बताकर इन्सानियत की जोत जलाये रखना ! और साथ ही समाज के दबे-कुचले, गरीब, मजलूम, बेसहारा, लाचार, लोगों की हर संभव मदद करके “समाजसेवा” के काम करना ही इस सोसाइटी का असली “मकसद” है !

  • इस दुनिया में इन्सान से लेकर सारे प्राणी, जीव-जन्तु, पक्षी, कीड़े-मकोड़े आदि, सभी ईश्वर यानि ख़ुदा के बनाये हुए हैं! लेकिन सभी प्राणियों की तुलना में ईश्वर ने इन्सान नाम के प्राणी को सबसे श्रेष्ठ(आला) दर्जा दिया है! क्यूँकि इन्सान को ऊपर वाले ने वो “शक्तियाँ” और “भावनायें” दी हैं जो किसी जीव-जन्तु या दूसरे प्राणी को नहीं दीं ! और साथ ही इन्सान को “अच्छा” और “बुरा” रास्ता भी बता दिया है!

  • दोस्तों, हमारे समाज और सोसाइटी में यूँ तो जीने को तो हर इन्सान जी ही रहा है, लेकिन “सही मायनों” में “जीना” उसी इन्सान का है जिसके दिल में “इन्सान और इन्सानियत” के लियें “दर्द” हो, बल्कि यूँ कहें कि ख़ुदा के बनाये सारे प्राणी(मखलूक़), जीव-जन्तु, पक्षी, पेड़-पौधों आदि सभी के लियें जिस इन्सान के दिल में प्यार, दर्द, हमदर्दी, और जज़्बात हों, सही मायनों में जीना उसी इन्सान का होता है!

  • “इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी” बनाने का मक़सद भी यही है कि इन्सान को उसके “इन्सानियत के फ़र्ज़” से “रूबरू” कराया जाये, क्यूँकि आज के इस भाग-दौड़, आपा-धापी, प्रतिस्पर्धा(Competition), और तेज़-रफ़्तार, ज़माने में इन्सान अपनी इन्सानियत और इन्सानियत के फ़र्जों को “भूल” चुका है, और ईश्वर के बनाये दूसरे प्राणियों के दुःख-दर्द तो दूर, ख़ुद अपनी “इंसानी जाति” के लियें भी उसके दिल में प्यार, दया, करुणा, और भावनाओं, का भाव “ख़त्म” हो चुका है, जोकि “मानव जाति” के लियें बेहद “शर्म” की बात है !

SOCIETY NEWS

Saturday, January 6, 2018

कुलभूषण की माँ पत्नि से बदसलूकी के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी उच्चायुक्त को ज्ञापन




"आज दिनाँक 29/12/17 को *इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी* की तरफ़ से एक ज्ञापन *पाकिस्तानी उच्चायुक्त* महोदय सोहेल महमूद को मुरादाबाद के जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से *हिंदी* एवं *उर्दू* दोनों भाषाओं में भेजा गया।
जिसमें मांग की गयी कि पाकिस्तान जेल में बंद कुलभूषण जाधव की माँ एवं पत्नी के साथ जो दुर्व्यवहार एवं बदसलूकी की गयी है उसके लियें पाकिस्तान खेद प्रकट करे, व भविष्य में आगे इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो इसका आश्वासन भी दे। इस अवसर पर सोसाइटी के अध्यक्ष राशिद सैफ़ी, के साथ मौलाना उमर फ़ारूक़, तनवीर फ़ातिमा, अंशुल सैनी, ठाकुर ओमकार सिंह, सिराज सैफ़ी, बदलू मास्टर, आदि उपस्थित रहे।।

अफराज़ुल को श्रधान्जली










"आज दिनाँक 12/12/17 मंगलवार *इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी*
*महानगर अमन कमेटी*
*सर्वधर्म सेवा संगठन* की ओर से कम्पनी बाग़ मुरादाबाद स्थित गांधी प्रतिमा पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान के राजसमंद में निर्ममतापूर्वक क़त्ल किये गये अफ़राज़ुल को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गयी एवं 2 मिनट का मौन ऱखकर एक बेगुनाह इंसान की आत्मा की शांति के लियें दुआ की गयी। इस सम्बंध में बताते हुए इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राशिद सैफ़ी ने बताया कि आज की ये श्रद्धांजलि सिर्फ़ एक इंसान अफ़राज़ुल को नहीं, बल्कि पूरी मानवता और इन्सानियत को दी जा रही है, क्योंकि इन्सानियत या मानवता अब हमारे देश, हमारे समाज मे ज़िंदा है ही नहीं, हर दिन राजसमंद के जैसे ना जाने कितने बेगुनाह इंसानों का क़त्ल किया जा रहा है, और एक बेगुनाह इंसान का क़त्ल, पूरी इन्सानियत का क़त्ल करने जैसा है, और जब हमारे समाज मे इन्सानियत मर ही चुकी है तो उसे श्रद्धांजलि तो देनी ही पड़ेगी। उन्होंने चिन्ता व्यक्त करते हुए आगे कहा कि आज हम ना जाने कैसा देश, कैसा समाज बनाने पर तुले हुए हैं, हर तरफ़ नफरत ही नफरत पैर पसारे हुए है, इंसान जानवर होता जा रहा है, और नरभक्षी होकर एक दूसरे का ही शिकार कर रहा है, इन्सानियत और भाईचारा कहीं नज़र नहीं आता। आज हमारे देश हमारे समाज के सभी इंसानों को बेहद गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है कि क्या हम अपनी आने वाली नस्लों को ये नफ़रत, ख़ूनरेज़ी, और मारकाट, देकर जायेंगे, या इन्सानियत, भाईचारा, और हमारे देश और समाज की पहचान गंगा-जमुनी तहज़ीब देकर जायेंगे, ये बड़ा कठिन सवाल आज हम सभी इंसानों के सामने मुंह बाये खड़ा है ?? और अगर हमें अपना देश, अपना समाज बचाना है तोह सभी को मिलकर इसका जबाब जल्द से जल्द ढूंढना होगा, अन्यथा इस नफ़रत की आग में हमारा देश, हमारा समाज जल कर राख हो जायेगा, और बाकी रहेगा तो बस धुंआ ही धुंआ।।।
इस अवसर पर तीनों सोसाइटीयों के ये सभी लोग उपस्थित रहे।। राशिद सैफ़ी, मौलाना उमर फ़ारूख़, मो0 नदीम मुक़म्मली, मो0 साजिद, मो0 सरवर, मो0 आरिफ़, रिज़वानुल हक़, मो0 सलीम, मो0 अकरम, सिराज सैफ़ी, आदि उपस्थित रहे।। https://www.facebook.com/rashid.saifi.94651/videos/724770261060464/

Monday, July 17, 2017

नफ़रतों के खिलाफ़ पदयात्रा



आज दिनांक 16/07/17 को *इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी* के तत्वाधान में शहर मुरादाबाद की अन्य तमाम दूसरी सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से, एक "सर्वधर्म, "शान्ति, सौहार्द्र, "सदभावना, पदयात्रा का आयोजन किया गया। जिसका शीर्षक था,
*समाज मे फैल रही "नफ़रतों" के ख़िलाफ़ "सर्वधर्म, "शान्ति, "सौहार्द्र, "सदभावना, पदयात्रा,* 
जिसके तहत आज *इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी* के बैनर तले शहर मुरादाबाद के तमाम सामाजिक संगठन, सामाजिक सोसाइटीयाँ, एवं समितियाँ जैसे :- 
*महानगर अमन कमेटी*, *सामाजिक समरसता मंच*
*माँ गंगा प्रदूषण समिति*, *एहसास सेवा संस्थान*, 
*अल हिन्द यूथ वेलफेयर सोसाइटी*
*पर्यावरण सचेतक समिति*,
*अखिल भारतीय लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष समिति*,
*प्रतिनिधि परिवार*,
*पीतल मज़दूर यूनियन*,
*अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार समिति*
आदि शहर की सामाजिक संस्थाओं के साथ ही साथ बहुत बड़ी संख्या में सभी धर्मों के धर्मगुरु, शहर के वरिष्ठ समाजसेवी, एवं बहुत बड़ी संख्या में शहर के सम्मानित लोग, दोपहर 12 बजे गवर्नमेंट कॉलेज पर एकत्रित हुए और आज हमारे देश और दिलों एवं हमारे "समाज में फैल रही धर्म आधारित, एवं जाति आधारित नफ़रतों को लेकर "गंभीर चिन्ता" व्यक्त की, और साथ इन नफ़रतों को देश और दिलों से मिटाने एवं देश मे सभी धर्मों के बीच मे शान्ति, सौहार्द्र, अमन, प्यार, भाईचारा, और सदभावना, क़ायम करने का संकल्प लिया। इसके बाद सभी लोगों ने मिलकर यह "सर्वधर्म, शान्ति, सौहार्द्र, सदभावना, पदयात्रा शुरू की, और गवर्नमेंट कॉलेज से चलकर मंडी चौक, अमरोहा गेट, टाउन हॉल, बाज़ार गंज, गुरहट्टी चौराहा, जेल रोड, जैन मंदिर होते हुए कम्पनी बाग़ स्थित गांधी पार्क पहुँचे, सभी लोगों ने अपने-अपने हाथों में सर्वधर्म की एकता, अखंडता, अमन, एवं भाईचारे, के लिखे हुए संदेश, और इन्सानियत को दर्शाते हुए प्ले-कार्ड ले रखे थे, पदयात्रा में काफ़ी संख्या में सभी धर्मों के छोटे बच्चे व महिलायें भी उपस्थित रहे। कम्पनी बाग़ में गांधी पार्क पर पहुँचने के बाद वहाँ स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के चरणों मे बैठकर सभी धर्मों के धर्मगुरुओं एवं उपस्थित सभी सम्मानित लोगों ने एक साथ मिलकर देश में, एकता, अखंडता, शान्ति, सौहार्द्र, सदभावना, एवं अमन, और भाईचारा क़ायम रहने की दुआ की।
इस अवसर पर बहुत बड़ी संख्या में ये सभी सम्मानित लोग मौजूद रहे :- 

समाजसेवी राशिद सैफ़ी, नगर संत रामदास, मौलाना उमर फ़ारूक़, हबीब फुरकान, ज़ियाउल हसन अंसारी, मोहम्मद शादाब
इमाम मुफ़्ती सैय्यद फ़हद, शिया इमाम मुज़फ्फर तौराबी, सरदार गुरविंदर सिंह, पादरी पॉल सारस्वत, नीतू सक्सेना, गौतम सिंह, मनीष कुमार, अनवर अंसारी, नेपाल सिंह, हिदायत अली, ताहिर अब्बासी, कासिम ख़ान, दिलशाद अंसारी, मोहम्मद फ़राज़, रविन्द्रनाथ भाटिया, संगीता अग्रवाल, आदि उपस्थित रहे।


Friday, June 30, 2017

इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी का ईद मिलन समारोह



"आज दिनांक 27/06/17 को इन्सानियत वेलफेयर सोसाइटी की तरफ़ से कांठ रोड स्थित हिमगिरि कालोनी में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहर मुरादाबाद के तमाम वरिष्ठ एवं सम्मानित हर धर्म, हर वर्ग, हर जाति के लोग उपस्थित रहे। सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष राशिद सैफ़ी ने इस सम्बंध में बताया कि प्यार और मुहब्बत, अमन और  भाईचारे के इस मीठे त्यौहार "ईद" के उपलक्ष्य में आज सोसाइटी की तरफ़ से ये "ईद मिलन समारोह" आयोजित किया गया है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी सरदार गुरविन्दर सिंह, एवं पादरी पॉल सारस्वत रहे। इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने  बोलते हुए कहा कि जिस तरह आज यहाँ ईद के शुभ अवसर पर एकता, भाईचारे, अमन और शान्ति का पैग़ाम दिया जा रहा है, उसी तरह के पैग़ाम पूरे देश मे देने की ज़रूरत है, हम सभी धर्मों, सभी वर्गों के लोगों को मिल-जुलकर एकता और भाईचारे का पैग़ाम पूरे देश मे फैलाना होगा, और इस देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को क़ायम रखते हुए सारी दुनिया को ये संदेश देना होगा कि भारत एक महान देश है, और इन्सानियत यहाँ का सबसे बड़ा धर्म और मज़हब है। 

इस मौके पर बहुत बड़ी संख्या में ये सभी लोग उपस्थित रहे। -- 
सोसाइटी के अध्यक्ष राशिद सैफ़ी, डॉ इरशाद हुसैन, सरदार गुरविन्दर सिंह, पादरी पॉल सारस्वत, पादरी डेनियल मसीह, अनुज अग्रवाल, गौतम सिंह, मनीष कुमार, रवीन्द्रनाथ भाटिया, शारिक सैफ़ी, पप्पू भाई, मीना भारद्वाज, हाजी सदाक़त हुसैन, अशरफ़ अली, जमशेद खान, माजिद खान, मोहम्मद फहीम, अजीत भाई, हारून, संजय भारद्वाज, मोहम्मद फ़ैज़, मोहम्मद शादान आदि उपस्थित रहे।।